MP में नई व्यवस्था की तैयारी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां मंत्री और विधायकों की दिनचर्या पूरी तरह बदलने वाली है। सरकार और संगठन मिलकर जनता से सीधा संवाद बढ़ाने के लिए नई कार्यप्रणाली लागू करने पर विचार कर रहे हैं।
भोपाल: MP में नई व्यवस्था लागू करने को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बीजेपी संगठन और सरकार के बीच तालमेल बढ़ाते हुए जनता से सीधा जुड़ाव मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत मंत्रियों के लिए सप्ताह में निश्चित दिन तय किए जाएंगे। इन दिनों में मंत्री अपने मंत्रालय में बैठकर केवल आम जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान पर काम करेंगे। यह व्यवस्था हफ्ते में कम से कम दो दिन लागू की जा सकती है।
🔹 मंत्रियों की बैठक और नया फॉर्मेट
MP में नई व्यवस्था के तहत कैबिनेट बैठकों को भी मुख्य रूप से मंगलवार को आयोजित करने की योजना है, ताकि अधिकतर मंत्री भोपाल में मौजूद रहें और उसी दिन जनता से मुलाकात कर सकें। साथ ही, मंत्रियों को रोजाना कम से कम दो घंटे अपने कार्यालय में आम लोगों के लिए उपलब्ध रहने का सुझाव दिया गया है।
🔹 सांसद और विधायकों की जिम्मेदारी
इस नई व्यवस्था में केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि सांसद और विधायकों को भी शामिल किया जाएगा। विधायक हर सप्ताह दो दिन बीजेपी जिला कार्यालयों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। वहीं सांसदों के लिए अलग-अलग जिलों और निश्चित दिनों का शेड्यूल तय किया जाएगा, ताकि अधिकतम जनसंवाद सुनिश्चित किया जा सके।
🔹 जनता से सीधा जुड़ाव
MP में नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच दूरी को कम करना और समस्याओं का समाधान मौके पर ही करना है। इसके लिए मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में अधिक समय देने की भी योजना बनाई जा रही है।
फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी के भीतर इस पर लगातार मंथन चल रहा है।
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