एमपी हाईकोर्ट भ्रूण मामला मंगलवार को उस समय सुर्खियों में आ गया जब जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक व्यक्ति अपनी पत्नी के गर्भपात के बाद मृत भ्रूण लेकर कोर्ट रूम में पहुंच गया। इस घटना ने कोर्ट परिसर में मौजूद जजों, वकीलों और सुरक्षाकर्मियों को हैरान कर दिया। फरियादी ने जज के सामने भ्रूण रखते हुए न्याय की मांग की और कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
कोर्ट रूम में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, फरियादी दयाशंकर पांडे अचानक कोर्ट रूम में पहुंच गए और सीधे जज की डाइस तक चले गए। वहां उन्होंने मृत भ्रूण को सबूत के तौर पर रखा और अपनी पीड़ा अदालत के सामने रखी। इस अप्रत्याशित घटना से कुछ देर के लिए कोर्ट रूम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पत्नी के मिसकैरेज को बताया हमले का परिणाम
दयाशंकर पांडे का आरोप है कि कुछ समय पहले उन पर और उनकी पत्नी पर हमला किया गया था। इस हमले के दौरान उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिसके कारण उनका मिसकैरेज हो गया। एमपी हाईकोर्ट भ्रूण मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि फरियादी का कहना है कि यही मृत भ्रूण उस हमले का सबसे बड़ा सबूत है।
200 करोड़ के घोटाले का भी लगाया आरोप
फरियादी का कहना है कि वे करीब 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कारण उन पर पिछले दो सालों में चार बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसी संदर्भ में एमपी हाईकोर्ट भ्रूण मामला अदालत में पहुंचा।
राजनीति में भी सक्रिय रहे दयाशंकर पांडे
दयाशंकर पांडे राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने साल 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। उनका कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और कोर्ट प्रशासन हुआ सतर्क
घटना के बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर कोई व्यक्ति इतनी संवेदनशील चीज लेकर कोर्ट रूम तक कैसे पहुंच गया, इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। एमपी हाईकोर्ट भ्रूण मामला सामने आने के बाद पुलिस और कोर्ट प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।
पुलिस ने क्या कहा
मामले में पुलिस अधिकारी CSP सोनू कुर्मी ने बताया कि दयाशंकर पांडे और उनकी पत्नी को थाने लाकर समझाइश दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
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