📍 भोपाल (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी शौर्य यात्रा 2026 के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रीतम लोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आ गए। उनके मंच से दिए गए बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
🗣️ नशे को लेकर साझा किया निजी अनुभव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रीतम लोधी ने अपने जीवन से जुड़ा एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वे शराब का सेवन करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस आदत को छोड़ने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि वे नशे के प्रभाव को भली-भांति समझते हैं और इसी कारण आज लोगों से नशे से दूर रहने की अपील करते हैं। उनका यह बयान सभा में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।लोधी समाज के लिए उठाई राजनीतिक मांग
अपने संबोधन के दौरान विधायक लोधी ने सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जैसे पहले समाज को नेतृत्व में स्थान मिला था, वैसे ही अब फिर से लोधी समाज को मुख्यमंत्री पद पर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
समान प्रतिनिधित्व पर दिया जोर
प्रीतम लोधी ने कहा कि जब देश में “एक देश, एक संविधान और एक निशान” की बात होती है, तो समाज के सभी वर्गों को भी बराबरी का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया।
भारत रत्न की भी उठाई मांग
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और कल्याण सिंह को भारत रत्न देने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का देश और समाज के प्रति योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
प्रीतम लोधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनके बयान पर विभिन्न नेताओं और संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

