मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी की शौर्य यात्रा के दौरान उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने साफ कहा कि भारत में आरक्षण व्यवस्था अभी खत्म नहीं हो सकती।
📌 आरक्षण पर क्या बोलीं उमा भारती?
उमा भारती ने अपने संबोधन में कहा कि आरक्षण सामाजिक समानता स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज में सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक देश के सर्वोच्च पदों—राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और न्यायपालिका के उच्च पदों से जुड़े परिवारों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक सामाजिक समानता संभव नहीं है। ऐसे में आरक्षण समाप्त करने की बात करना व्यावहारिक नहीं है।
⚖️ सामाजिक बराबरी के लिए जरूरी है आरक्षण
उमा भारती ने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय से जातिगत आधार पर विभाजित रहा है, जिसके कारण आर्थिक और सामाजिक असमानताएं गहरी हुई हैं। आरक्षण इसी असंतुलन को दूर करने का एक प्रभावी साधन है और इसे जल्द खत्म करना समाज के कमजोर वर्गों के साथ अन्याय होगा।
🗣️ समानता के अधिकार के लिए संघर्ष की जरूरत
अपने भाषण में उन्होंने लोधी समाज का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है और सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में अब समय आ गया है कि समान अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाई जाए।
🇮🇳 प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
कार्यक्रम के दौरान उमा भारती ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है और देश की सुरक्षा व सम्मान लगातार बढ़ रहा है।
📚 सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने घोषणा की कि राजा हिरदेशाह लोधी की वीर गाथा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। साथ ही उनके जीवन और संघर्ष पर शोध कार्य भी कराया जाएगा।
👥 कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल
इस आयोजन में कई जनप्रतिनिधि, मंत्री और लोधी समाज के प्रमुख लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

