गौरव गोगोई पाकिस्तान कनेक्शन: असम सरकार का बड़ा कदम, मामला गृह मंत्रालय को भेजा गया

गौरव गोगोई पाकिस्तान कनेक्शन: असम सरकार का बड़ा कदम, मामला गृह मंत्रालय को भेजा गया

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गौरव गोगोई पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर असम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। असम सरकार ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न से जुड़े कथित पाकिस्तान कनेक्शन मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के अनुसार, यह मामला अब राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बन चुका है, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।

मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि यह मामला अब राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर जा चुका है और इसमें केंद्रीय एजेंसियों, इंटरपोल तथा संसद से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों की जरूरत है।

गौरव गोगोई पाकिस्तान कनेक्शन क्या है पूरा मामला?

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश नागरिक पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों से करीबी संबंध रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एलिजाबेथ कोलबर्न का संपर्क पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से था, जिसे भारत विरोधी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

सरमा के अनुसार, एक पाकिस्तानी फर्म ने एलिजाबेथ को पहले नौकरी दी और बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया गया। आरोप है कि इस दौरान एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां एकत्र करती थीं और उन्हें पाकिस्तानी संपर्कों तक पहुंचाया जाता था।

OCI/वीजा रद्द करने की मांग

असम सरकार ने यह भी साफ किया है कि वह एलिजाबेथ कोलबर्न का OCI (Overseas Citizen of India) दर्जा या वीजा रद्द करने की मांग केंद्र सरकार से करेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि यदि कोई विदेशी नागरिक भारत की सुरक्षा और हितों के लिए खतरा बनता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

सरमा ने कहा कि यह कोई निजी मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री के अनुसार, अली तौकीर शेख 2010 से 2013 के बीच कम से कम 13 बार भारत आया। उनका दावा है कि उसका मकसद भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नकारात्मक नैरेटिव तैयार करना था।

सरमा ने यह भी कहा कि अली तौकीर का संपर्क कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और व्यक्तियों से रहा है, जिन पर पहले से ही संदेह जताया जाता रहा है।

गौरव गोगोई की गिरफ्तारी पर क्यों रुकी सरकार?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने स्पष्ट किया कि गौरव गोगोई एक मौजूदा सांसद हैं और उनके पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए असम पुलिस ने उनसे अब तक पूछताछ नहीं की है।

उन्होंने कहा,
“अगर हम चुनाव से पहले किसी सांसद को गिरफ्तार करते हैं, तो इस पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगेगा। इसलिए हमने फैसला किया है कि जांच केंद्रीय एजेंसियां करें।”

CM हिमंता के लगाए गए 10 बड़े आरोप

मुख्यमंत्री सरमा ने गौरव गोगोई और एलिजाबेथ कोलबर्न पर कई गंभीर आरोप गिनाए, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. एलिजाबेथ द्वारा IB से जुड़े सूत्रों से क्लाइमेट एक्शन पर जानकारी एकत्र करना।
  2. चुनावी हलफनामे में पत्नी के पाकिस्तानी बैंक खाते का उल्लेख न करना।
  3. FCRA नियमों को दरकिनार कर विदेशी भुगतान लेना।
  4. भारतीय और विदेशी NGOs से जुड़े रहते हुए पाकिस्तान की कई यात्राएं।
  5. केवल अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान आना-जाना।
  6. गौरव गोगोई का 2013 में कथित रूप से गुप्त पाकिस्तान दौरा।
  7. वीजा शर्तों से अलग शहरों की यात्रा।
  8. असम पुलिस को यात्राओं की जानकारी न देना।
  9. पाकिस्तान में रहते हुए डिजिटल साइलेंस।
  10. लौटने के बाद संसद में रक्षा और परमाणु संयंत्रों से जुड़े सवाल पूछना।

इंटरपोल की मदद क्यों जरूरी?

असम सरकार का कहना है कि SIT जांच अब ऐसे चरण में पहुंच गई है, जहां अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं। इंटरपोल से मदद, विदेशों में मौजूद वित्तीय लेन-देन और संचार से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच के लिए केंद्र सरकार की भूमिका अहम हो जाती है।

इसी वजह से यह पूरा मामला अब गृह मंत्रालय द्वारा नामित केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया गया है।

गौरव गोगोई का पलटवार

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह सब असम सरकार द्वारा राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश है।

एक बयान में गौरव गोगोई ने कहा,
“अगर मेरी पत्नी ISI एजेंट है, तो मैं RAW एजेंट हूं। मुझे इन आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्यमंत्री अपने ऊपर लगे आरोपों से ध्यान हटाने के लिए यह सब कर रहे हैं।”

विवाद की प्रमुख टाइमलाइन

  • फरवरी 2025: मीडिया में पहली बार एलिजाबेथ कोलबर्न के कथित विदेशी कनेक्शन की खबरें सामने आईं।
  • 12–13 फरवरी 2025: CM हिमंता ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाए।
  • जनवरी 2026: मुख्यमंत्री ने खुले तौर पर सबूत होने का दावा किया।
  • अब: मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपने का फैसला।

कौन हैं एलिजाबेथ कोलबर्न?

एलिजाबेथ कोलबर्न ब्रिटेन की नागरिक हैं और उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है। उनकी और गौरव गोगोई की मुलाकात 2010 में संयुक्त राष्ट्र में इंटर्नशिप के दौरान हुई थी। दोनों ने 2013 में शादी की और उनके दो बच्चे हैं।

प्रोफेशनल बैकग्राउंड

एलिजाबेथ ने क्लाइमेट डेवलपमेंट एंड नॉलेज नेटवर्क, यूरोपीय संसद, अमेरिकी सीनेट और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। वर्तमान में वे ऑक्सफोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी हैं।

राजनीतिक और कानूनी असर

इस मामले का असर न सिर्फ असम बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा मान रही है।

अब सबकी नजर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी है, जो तय करेंगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।

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