दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट
दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट: ATC सिस्टम में खराबी से 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित photo @ vistaarnews.com

दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट : 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

Spread the love

✈️ दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट — जानिए क्यों आई तकनीकी गड़बड़ी

दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट होने की बड़ी वजह सामने आई है। शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण 300 से ज्यादा उड़ानें देरी से रवाना हुईं
एयर ट्रैफिक कंट्रोल के ऑटोमेटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में आई गड़बड़ी के चलते फ्लाइट्स का शेड्यूल ATC टीम तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा था। परिणामस्वरूप, अधिकारियों को फ्लाइट शेड्यूल मैन्युअल रूप से तैयार करना पड़ा, जिससे पूरे हवाई संचालन में रुकावट आई।


⚙️ क्या है AMSS सिस्टम और इसकी भूमिका

AMSS (Automatic Message Switching System) एयर ट्रैफिक कंट्रोल का एक प्रमुख हिस्सा है, जो फ्लाइट्स के टेकऑफ, लैंडिंग और रूट अपडेट्स को ट्रांसफर करता है।
यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि हर विमान की स्थिति का पता रियल टाइम में चलता रहे।
लेकिन जब यह सिस्टम फेल हुआ, तो दिल्ली एयरपोर्ट पर कम्युनिकेशन में देरी होने लगी और एक साथ कई फ्लाइट्स का शेड्यूल बिगड़ गया।

शेड्यूल बिगड़ गया।

📘 अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: DGCA India – एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सेफ्टी नियम

यात्रियों को घंटों इंतजार, कनेक्शन फ्लाइट छूटी

तकनीकी खराबी का असर सीधा यात्रियों पर पड़ा।
लोगों को लंबी लाइनों, चेक-इन में देरी, गेट पर इंतजार और बोर्डिंग टाइम बढ़ने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई यात्रियों की कनेक्शन फ्लाइट्स भी छूट गईं, जिससे उन्हें अगले फ्लाइट स्लॉट का इंतजार करना पड़ा।


🏢 एयरपोर्ट अथॉरिटी की सफाई

दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि तकनीकी टीम लगातार समस्या को ठीक करने में जुटी है, लेकिन स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
गुरुवार शाम से ही ATC सिस्टम में गड़बड़ी शुरू हो गई थी और शुक्रवार सुबह तक दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट की स्थिति बनी रही।


🌍 बाकी एयरपोर्ट्स पर भी असर

दिल्ली की देरी का असर लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ और बेतिया जैसे कई अन्य एयरपोर्ट्स पर भी देखने को मिला।
क्योंकि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानें देर से चल रहीं थीं, इसलिए अन्य शहरों की अपकमिंग फ्लाइट्स का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया।
इससे देशभर के कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।


📊 फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर दिखी उड़ानों की भीड़

FlightAware’ और ‘Flightradar24’ जैसी वेबसाइट्स ने दिल्ली के ऊपर उड़ रहे दर्जनों विमानों का रियल-टाइम डेटा दिखाया।
इन ग्राफिक्स में कई फ्लाइट्स को एक ही जगह बार-बार चक्कर लगाते हुए देखा गया, क्योंकि उन्हें लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पा रही थी।


🧭 एयर ट्रैफिक कंट्रोल क्या करता है?

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को आप आसमान का ट्रैफिक पुलिस कह सकते हैं।
यह जमीन पर, हवा में और आसमान के अलग-अलग हिस्सों में उड़ रहे विमानों को टेकऑफ, लैंडिंग और ऊंचाई के निर्देश देता है।
ATC सिस्टम के बिना हवाई यातायात को सुरक्षित रूप से संचालित करना लगभग असंभव है।


⚠️ फ्लाइट लेट होने के चार बड़े असर

  1. यात्री परेशान: लंबे इंतजार और यात्रा योजनाओं में बदलाव।
  2. ऑपरेशन पर असर: रोजाना 1,500+ फ्लाइट्स में देरी से एयरलाइन संचालन प्रभावित।
  3. अन्य एयरपोर्ट्स पर प्रभाव: दिल्ली से जुड़े सभी मार्गों पर असर।
  4. अपकमिंग फ्लाइट्स में देरी: एक फ्लाइट लेट होने से बाकी उड़ानें भी प्रभावित हुईं।

🕓 कब सुधरेगी स्थिति?

तकनीकी टीम ने बताया कि सिस्टम को पूरी तरह ठीक करने में कुछ घंटे से लेकर पूरा दिन लग सकता है
फिलहाल, एयरलाइंस यात्रियों को लगातार अपडेट दे रही हैं और उन्हें अपनी फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष

दिल्ली एयरपोर्ट फ्लाइट लेट घटना ने साफ कर दिया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का सुचारू संचालन कितना महत्वपूर्ण है।
एक छोटी सी तकनीकी खराबी पूरे देश के हवाई यातायात को प्रभावित कर सकती है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले एयरलाइन वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट स्टेटस अवश्य जांच लें।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *