AI Impact Summit Gwalior Protest को लेकर शनिवार को ग्वालियर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट से जुड़े घटनाक्रम के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने रैली निकाली। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी विरोध किया। इस कारण कुछ समय तक शहर में तनाव बना रहा।
नदी गेट से कांग्रेस कार्यालय तक रैली
प्रदर्शन की शुरुआत नदी गेट चौराहे से हुई। इसके बाद कार्यकर्ता शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े। रास्ते भर नारेबाजी की गई।
हालांकि संभावित टकराव को देखते हुए पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी। कुछ कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर नारे लगाने लगे।
दो घंटे तक बना रहा तनाव
करीब दो घंटे तक दोनों पक्ष आमने-सामने रहे। हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस बल लगातार मौके पर तैनात रहा।
बाद में भाजपा नेताओं की मौजूदगी में राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण वे सफल नहीं हो सके।
कांग्रेस का पलटवार
इस बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोजगार, महंगाई और किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। साथ ही उन्होंने इस तरह की राजनीति की निंदा की।
पुलिस का बयान
सीएसपी मनीष यादव के अनुसार, पूरा कार्यक्रम पुलिस की निगरानी में हुआ। किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया था।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, AI Impact Summit Gwalior Protest ने शहर में राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ाई। हालांकि प्रशासन की सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
AI Impact Summit 2026: भारत बन रहा है दुनिया का अगला AI पावरहाउस
