दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक मानचित्र पर भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश, डेटा सेंटर विस्तार, स्किलिंग प्रोग्राम और AI इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के जरिए एक दीर्घकालिक साझेदारी का संकेत दिया है।
यह समिट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत को “ग्लोबल AI हब” बनाने की ठोस रणनीति भी सामने आई।
भारत पर बढ़ता वैश्विक भरोसा
दुनिया की अग्रणी कंपनियों—Google, Microsoft, Nvidia, Qualcomm—ने भारत में AI विकास के लिए बहु-अरब डॉलर निवेश योजनाओं का ऐलान किया। इन पहलों का उद्देश्य है:
- मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता
- स्थानीय भाषा आधारित AI मॉडल
- स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती
- बड़े पैमाने पर स्किलिंग और रोजगार सृजन
Sundar Pichai के नेतृत्व में Google ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की योजना प्रस्तुत की है। कंपनी का फोकस रहेगा:
- आंध्र प्रदेश के Visakhapatnam में अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर
- क्लाउड और AI मॉडल ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
- उन्नत रिसर्च सहयोग
साथ ही, Demis Hassabis की टीम भारतीय प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय रूप से काम करेगी, जिससे देश में AI रिसर्च को वैश्विक स्तर की दिशा मिल सकती है।
Microsoft का “ग्लोबल साउथ” विज़न
Brand Smith ने वैश्विक AI असमानता को कम करने के लिए दशक के अंत तक बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई। मुख्य फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं:
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
- AI स्किलिंग प्रोग्राम
- मल्टी-लैंग्वेज AI डेवलपमेंट
- स्थानीय नवाचार को समर्थन
भारत में 2030 तक करोड़ों लोगों को AI कौशल से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की युवा आबादी को वैश्विक टेक इकोनॉमी में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिल सकती है।
Nvidia और Yotta: AI कंप्यूटिंग की ताकत

Yotta Data Services ने Nvidia के साथ मिलकर हाई-एंड AI चिप्स आधारित कंप्यूटिंग हब तैयार करने की योजना बनाई है।
इस पहल से:
- भारतीय स्टार्टअप्स को सस्ती और शक्तिशाली कंप्यूटिंग मिलेगी
- रिसर्च और प्रोटोटाइपिंग तेज़ होगी
- लोकल AI प्रोडक्ट डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा
L&T के साथ AI मैन्युफैक्चरिंग
भारतीय इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro के साथ साझेदारी में Nvidia भारत में AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
यह कदम भारत को केवल सॉफ्टवेयर हब नहीं, बल्कि AI हार्डवेयर निर्माण केंद्र के रूप में भी स्थापित कर सकता है।
Neysa AI और निवेशकों का विश्वास

भारतीय स्टार्टअप Neysa AI ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए बड़ी फंडिंग हासिल की है, जिसमें वैश्विक निवेश फर्म Blackstone की भागीदारी शामिल है।
Neysa का मॉडल AI ऐप बनाने के बजाय, उन कंपनियों को तकनीकी आधार प्रदान करना है जो AI समाधान विकसित करना चाहती हैं।
Qualcomm का स्टार्टअप फंड
Cristiano Amon के नेतृत्व में Qualcomm ने भारतीय AI स्टार्टअप्स के लिए विशेष निवेश फंड की घोषणा की।
फोकस सेक्टर:
- ऑटोमोटिव AI
- IoT
- रोबोटिक्स
- मोबाइल AI एप्लिकेशन
यह कदम भारत के नवाचार इकोसिस्टम को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ सकता है।
दिल्ली AI समिट 2026: विवाद, राजनीति और भारत की AI महत्वाकांक्षा
भारत को क्या मिलेगा फायदा?
✅ रोजगार में वृद्धि
डेटा सेंटर, AI लैब और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा कर सकती हैं।
✅ स्किल डेवलपमेंट
बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग प्रोग्राम युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेंगे।
✅ स्टार्टअप बूस्ट
बेहतर कंप्यूटिंग और फंडिंग से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।
✅ डिजिटल संप्रभुता
लोकल डेटा सेंटर और AI मॉडल देश की डेटा सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे।
निष्कर्ष
AI Impact Summit 2026 ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल टेक मार्केट नहीं, बल्कि टेक लीडर बनने की राह पर है। वैश्विक कंपनियों का यह भरोसा आने वाले वर्षों में भारत को AI, डेटा और डिजिटल इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बना सकता है।
यदि ये योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो आने वाला दशक भारत के लिए “AI दशक” साबित हो सकता है।
