ट्रंप वेनेजुएला तेल डील के तहत 100 अरब डॉलर निवेश की बड़ी पहल
वाशिंगटन।
ट्रंप वेनेजुएला तेल डील एक बार फिर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में चर्चा का विषय बन गई है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक अहम बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की प्रमुख तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में बड़े निवेश पर खुलकर बातचीत हुई।
इस बीच, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों को वेनेजुएला सरकार से नहीं, बल्कि सीधे अमेरिकी प्रशासन से समझौता करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका निवेश करने वाली कंपनियों को पूरी सुरक्षा देगा।
व्हाइट हाउस बैठक में ट्रंप का सख्त रुख
व्हाइट हाउस में हुई यह बैठक ट्रंप वेनेजुएला तेल डील के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इसमें अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के सीईओ शामिल थे।
इसके अलावा, बैठक का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के गिरते तेल उत्पादन को फिर से पटरी पर लाना था।
राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार मौजूद हैं। हालांकि, राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के कारण उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
‘वेनेजुएला से नहीं, हमसे डील करें’
बैठक के दौरान ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा—
“आप वेनेजुएला से नहीं, बल्कि सीधे हमसे बात कर रहे हैं। आप पूरी तरह सुरक्षित हैं।”
वहीं, उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका नहीं चाहता कि कंपनियां वेनेजुएला सरकार के साथ अलग से बातचीत करें।
इसलिए, अमेरिकी प्रशासन इस पूरे निवेश मॉडल का केंद्र होगा।
100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य
ट्रंप वेनेजुएला तेल डील के तहत ट्रंप ने कहा कि तेल कंपनियां 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर सकती हैं।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह निवेश सरकारी फंड से नहीं होगा।
“कंपनियों को सरकारी पैसे की जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ सरकारी सुरक्षा चाहिए,”
ट्रंप ने कहा।
परिणामस्वरूप, अमेरिका नीति और सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा।
सुरक्षा नीति पर ट्रंप का नजरिया
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वेनेजुएला में अमेरिकी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है। इसके बजाय, सुरक्षा स्थानीय नेतृत्व और जनता के सहयोग से सुनिश्चित की जाएगी। दूसरी ओर, तेल कंपनियां भी सीमित स्तर पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करेंगी।
जोखिम के बावजूद बड़ा मुनाफा
ट्रंप ने स्वीकार किया कि वेनेजुएला में निवेश जोखिम भरा है। फिर भी, उनका मानना है कि तेल कंपनियां ऐसे हालात में काम करने की आदी हैं। उन्होंने कहा कि कई इलाकों की तुलना में वेनेजुएला उतना मुश्किल नहीं है। इस कारण, कंपनियों के लिए मुनाफे की संभावनाएं काफी अधिक हैं।
तेल टैंकर जब्ती और अमेरिकी संदेश
इस बीच, अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से जुड़े एक और तेल टैंकर को जब्त किया। यह पिछले एक महीने में पांचवीं ऐसी कार्रवाई थी।
वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम अमेरिका की सख्त नीति को दर्शाता है।
वेनेजुएला का गिरता तेल उत्पादन
कभी तेल उत्पादन में अग्रणी रहा वेनेजुएला आज गंभीर संकट में है। वर्तमान में उत्पादन 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी नीचे आ चुका है।
यदि बड़े पैमाने पर निवेश नहीं हुआ,
तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
चीन और रूस को लेकर चेतावनी
ट्रंप ने चीन और रूस का भी जिक्र किया।
उनके अनुसार, अगर अमेरिका ने दखल नहीं दिया होता, तो ये देश आगे बढ़ जाते।
यह बयान साफ करता है कि ट्रंप वेनेजुएला तेल डील केवल आर्थिक नहीं है।
बल्कि, यह एक भू-राजनीतिक रणनीति भी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, ट्रंप वेनेजुएला तेल डील अमेरिका की आक्रामक ऊर्जा नीति को दर्शाती है।
एक ओर निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दूसरी ओर, वैश्विक शक्तियों को संतुलित किया जा रहा है।
अब यह देखना अहम होगा कि तेल कंपनियां इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती हैं।
Trump Venezuela Oil Block: वेनेजुएला पर अमेरिका का सख्त एक्शन, चीन की बढ़ीं मुश्किलें

